[Delhi Forest Guard Exam 2021]
1. गर्दन तथा सिर को जोड़ने वाली संधि क्या है?
हिंज संधि
दुराग्र संधि
कंदुक-खालिक्का संधि
अचल संधि
Note: गर्दन और सिर को जोड़ने वाली संधि को दुराग्र संधि कहते हैं। इसके द्वारा शरीर को आगे-पीछे और दाएं-बाएं घुमा सकते हैं।

2. संधि के कितने प्रकार होते हैं?
4
3
2
1
Note: जब दो-या-दो से अधिक वर्णों के मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। संधि मुख्यत: तीन प्रकार की होती है– 1. स्वर संधि– स्वर के साथ स्वर के मेल से उत्पन्न विकार को स्वर संधि कहते हैं। 2. व्यंजन संधि– व्यंजन के साथ व्यंजन या स्वर के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन संधि कहते हैं। 3. विसर्ग संधि– विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मूल से उत्पन्न विकार को विसर्ग संधि कहते हैं।

3. ‘श्वेत’ और ‘स्वेद’ का अर्थ क्या है?
चाँदनी और सफेद
सफेद और रक्त
स्वक्ष और पसीना
सफेद और पसीना
Note: 'श्वेत' शब्द का अर्थ है– 'सफेद' और ‘स्वेद' शब्द का अर्थ है– 'पसीना'। 'श्वेत-स्वेद' समोच्चारित भिन्नार्थक शब्द हैं, जिनका उच्चारण समान तथा अर्थ भिन्न है

4. पंक्ति शब्द का तद्भव शब्द क्या होगा?
पांच
पांत
पाद
पर्ण
Note: पंक्ति शब्द का तद्भव शब्द 'पांत' होगा। 'पंक्ति' तत्सम शब्द है। इसका तद्भव शब्द रूप 'पाँत' है। 'पंक्ति' का अर्थ है- शृंखला अथवा श्रेणी।

5. काली मिर्च में कौन सा समास है?
बहुव्रीहि समास
तत्पुरुष समास
कर्मधारय समास
अव्ययीभाव समास
Note: कालीमिर्च का समास विग्रह होगा 'काली है जो मिर्च'। यहां 'काली' विशेषण तथा 'मिर्च' विशेष्य शब्द है, इसलिए यह विशेषण-विशेष्य ‘कर्मधारय समास' का उदाहरण है।


6. डिबिया शब्द में प्रत्यय क्या है?
डिब + इया
डिबि + या
डिब्बा + इया
डि + बिया
Note: 'डिबिया' शब्द में प्रत्यय 'इया' है। प्रत्यय किसी भी सार्थक मूल शब्द के पश्चात् जोड़े जाने वाले वे अविकारी शब्दांश हैं, जो शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में या भाव में परिवर्तन कर देते हैं। ‘डिब्बा' मूल शब्द में ‘इया' प्रत्यय लगाने से डिबिया शब्द का निर्माण होता है। 'इया' हिंदी का कृत प्रत्यय है।

7. अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं?
तीन
पांच
आठ
छह
Note: अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं– 1. विधिवाचक वाक्य, 2. निषेधवाचक वाक्य, 3. आज्ञावाचक वाक्य, 4. विस्मयवाचक वाक्य, 5. सन्देहवाचक वाक्य, 6. इच्छावाचक वाक्य, 7. संकेतवाचक वाक्य और 8. प्रश्नवाचक वाक्य

8. ‘निष्कलंक’ का संधि-विच्छेद क्या होगा?
निष् + कलंक
निष + कलंक
नि: + कलंक
नि + कलंग
Note: 'निष्कलंक' का संधि-विच्छेद 'निः+कलंक' होगा। 'निष्कलंक' शब्द में विसर्ग संधि है। विसर्ग संधि के नियमानुसार यदि विसर्ग के बाद ‘च-छ', 'ट-ठ' तथा 'त-थ' आए तो विसर्ग क्रमश: श्, ष, स् में बदल जाते हैं; जैसे-नि: + तार = निस्तार, दुः + चरित = दुश्चरित्र, धनु: + टंकार = धनुष्टंकार आदि।

9. महोत्सव में कौन सी संधि है?
अयादि स्वर
गुण स्वर
यण स्वर
वृद्धि स्वर
Note: महोत्सव = महा + उत्सव = (आ + उ = ओ → गुण संधि है। जब अ या आ के साथ इ, ई, उ, ऊ तथा ऋ स्वर आए तो दोनों के मिलने से 'ए', 'ओ', 'अर्' हो जाता है, तो वह गुण संधि कहलाती है।

10. तद्भव शब्द किसे कहते है?
संस्कृत से उत्पन्न हुए शब्दों को
विदेशी भाषा से आए शब्दों को
संस्कृत के शुद्ध शब्दों को
इनमें से कोई नहीं
Note: तद्भव शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-तत् + भव (उससे उत्पन्न)। जो शब्द संस्कृत से उत्पन्न हुए हैं तथा थोड़े से परिवर्तन के साथ हिन्दी में प्रयुक्त हो रहे हैं, तद्भव शब्द कहलाते हैं; जैसे-'अग्नि' तत्सम शब्द है, इसका तद्भव रूप 'आग' होगा।


11. आधी रात को हिंदी में क्या कहते हैं?
निशीथ
शर्वरी
विभावरी
यामिनी
Note: निशीथ काल रात्रि का वह समय है जो समान्यत: रात 12 बजे से रात 3 बजे की बीच होता है। आमजन इसे मध्यरात्रि या अर्ध रात्रि काल कहते हैं। जबकि सूर्यास्त और सूर्योदय के मध्य का समय ‘शर्वरी' कहलाता है। 'यामिनी' तथा 'विभावरी' रात के समानार्थी हैं।

12. वत्स का तद्भव शब्द क्या होगा?
बेटा
वारिस
शिष्य
संतान
Note: वे शब्द जो दो भाषाओं के शब्दों को मिलाकर बना लिए गए हों, उन्हें संकर शब्द कहते हैं; जैसे-रेल (अंग्रेजी) + गाड़ी (हिन्दी) = रेलगाड़ी। देशज - वे शब्द जिनकी व्युत्पत्ति की जानकारी नहीं है। बोलचाल के आधार पर स्वत: निर्मित हो जाते हैं, उन्हें देशज शब्द कहते हैं; जैसे-कटोरा, डिबिया, लोटा आदि।

13. कौमुदी का पर्यायवाची शब्द क्या है?
रोशनी
ज्योति
चांदनी
चंद्रहास
Note: कौमुदी का पर्यायवाची शब्द चांदनी है। कौमुदी के अन्य पर्यायवाची हैं- चंद्रिका, ज्योत्स्ना, चंद्रमरीचि, उजियारी, चंद्रप्रभा, जुन्हाई आदि। प्रश्न के अन्य विकल्प ‘ज्योति' व 'रोशनी' प्रकाश के पर्यायवाची हैं।

14. पीतांबर शब्द में कौन सा समास है?
बहुव्रीहि
द्विगु
द्वन्द्व
कर्मधारय
Note: जिस समास में कोई पद प्रधान नहीं होता तथा दोनों पद मिलकर तीसरे अन्य पद की ओर संकेत करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं; जैसे-पीतांबर-पीत (पीला) है अंबर (वस्त्र) जिसका अर्थात् 'विष्णु'। यहाँ पूर्वपद 'पीत' तथा उत्तरपद 'अंबर' मिलकर तीसरे पद विष्णु की ओर संकेत कर रहे हैं। अत: 'पीतांबर' में बहुव्रीहि समास है।

15. आवश्यकता से अधिक वर्षा को क्या कहते हैं?
ओलावृष्टि
अल्पवृष्टि
अतिवृष्टि
अत्वृष्टि
Note: अतिवृष्टि शब्द अति + वृष्टि के योग से बना है। अति का अर्थ है बहुत या सीमा से परे तथा वृष्टि का अर्थ - है-वर्षा। जबकि आवश्यकता से कम वर्षा को अल्पवृष्टि या अनावृष्टि कहते हैं।


16. आलू को संस्कृत में क्या कहते हैं?
शकरकन्दः
आलुकम्
अलाबूः
मरीचम्
Note:

17. चारण काव्य की भाषा क्या है?
अवहट्ट
डिंगल
प्राकृत
ब्रजभाषा
Note: चारण काव्य की भाषा अवहट्ट है। चारण आदिकालीन प्राचीन काव्य है। यह अपने आश्रयदाता राजाओं को प्रशंसा में लिखा गया है।

18. बालकृष्ण भट्ट की रचनाएं कौन सी है?
भट्ट निबंधावली
साहित्य सुमन
नूतन ब्रह्मचारी
उपयुक्त सभी
Note: बालकृष्ण भट्ट की रचनाएं में 'भट्ट निबंधावली' और 'साहित्य सुमन' उनके चुनिंदा निबंधों का संग्रह है और 'नूतन ब्रह्मचारी' और 'सौ अजान एक सुजान' उनके प्रमुख उपन्यास हैं। 'दमयंती', 'चंद्रसेन', 'रेल का विकट खेल', 'स्वयंवर', 'बाल-विवाह' नाटक के अलावा भट्ट जी ने बांग्ला तथा संस्कृत से नाटकों का अनुवाद भी किया। हास्य प्रधान व्यंग्य 'पंच महाजन' भी लिखा।

19. खेत रहना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग-
संग्राम में मारा जाना
प्राप्त करने की इच्छा होना
नीयत खराब करना
गुस्से से आंखें लाल हो जाना
Note: खेत रहना मुहावरे का अर्थ संग्राम में मारा जाना या शहीद होना है। खेत रहना मुहावरे का वाक्य प्रयोग – 1. कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के अनेकों घुसपैठिये खेत रहे।

20. नयन स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग?
पुल्लिंग
स्त्रीलिंग
स्त्रीलिंग और पुल्लिंग दोनों
इनमें से कोई नहीं
Note: नयन संस्कृत पुल्लिंग शब्द है। पंडित कामताप्रसाद गुरु ने संस्कृत शब्दों को पहचानने के कुछ नियम बताये है। जिसमें ‘नांत’ संज्ञाएँ पुल्लिंग होते है, जैसे- पालन, पोषण, दमन, वचन, नयन, गमन, हरण इत्यादि। इसमें अपवाद- ‘पवन’ उभयलिंग है।

21. अनुमान-प्राक्कलन का अर्थ | शब्द युग्म में अंतर
मन से लिया निश्चय – तर्क से लिया निर्णय
एकतरफा निश्चय – व्यक्ति विशेष निर्णय
तर्क से लिया निश्चय – गणना से लिया निर्णय
व्यक्ति विशेष निश्चय – अधिकारिक निर्णय
Note: अनुमान शब्द का अर्थ– बौद्धिक तर्क द्वारा लिया गया निश्चय। अनुमान का वाक्य प्रयोग– यह मेरा अनुमान है कि आज वह अवश्य आगरा गया होगा। प्राक्कलन शब्द का अर्थ– वह निर्णय जो गणना के सहारे लिया जाए। प्राक्कलन का वाक्य प्रयोग– किसी कार्य को प्रारम्भ करने से पहले प्राक्कलन बनाने से खर्चा कम किया जा सकता है।

22. अवधि-अवि​धि का अर्थ | शब्द युग्म में अंतर
समय बंधन नहीं – नियत समय
अनिश्चित समय – कानून के विरूद्ध
नियत समय – कानून के विरूद्ध
समय की छूट – कानून के साथ
Note: अवधि शब्द का अर्थ– नियत समय। अवधि का वाक्य प्रयोग– उच्चन्यायालय में याचिका दायर करने की अवधि बीत चुकी है। अविधि शब्द का अर्थ– कानून के विरूद्ध। अविधि का वाक्य प्रयोग– राकेश जो कार्य कर रहा है वह अविधि है।

23. ''मंदिर-मंदिरा'' युग्म का उपयुक्त अर्थ वाला युग्म कौन सा होगा?
गुफा-बड़ा गुफा
घर-सवारी
देवालय-अश्वशाला
पूजाघर-पुजारी
Note:

24. 'अलि-अली' शब्द-युग्म का सही अर्थ हैं?
साधारण प्रेम – एकतरफा प्रेम
साधारण प्रेम – अंतरंग प्रेम
प्रेमपत्र – प्रेम
ईश्वर प्रेम – व्यक्ति प्रेम
Note: अलि शब्द का अर्थ– एक स्त्री दूसरी स्त्री को, जिससे उसको साधारण प्रेम है, अलि शब्द से पुकारती है। अली शब्द का अर्थ– इसमें अली (सखी) की अपेक्षा कुछ मुख्यता का भाव अधिक रहता है। इस शब्द में अंतरंगता का भाव​ अधिक है।

25. सर्वाधिक प्राचीन सम्प्रदाय कौन हैं?
अलंकार
रस
वक्रोक्ति
रीति
Note:

26. रौद्र रस का स्थायी भाव है?
भय
घृणा
क्रोध
उत्साह
Note:

27. निम्नलिखित शब्दों में से फारसी शब्द का उदाहरण है?
औरत
आवाज
अल्लाह
अक्ल
Note:

28. निम्न में मुस्लिम शासन के प्रभाव से आया शब्द है?
बाड़ा
रेल
गिलास
हवालात
Note:

29. 'देश में जन्मा' शब्द कहलाता हैं?
देशज
विदेशी
आगत
इनमें से कोई नहीं
Note:

30. निम्नलिखित तत्सम-तद्भव में से कौन-सा विकल्प अशुद्ध है?
श्रृंगार-सिंगार
नृत्य-नाच
दधि-दही
चक्षु-आँख
Note:


31. 'वानर' का तद्भव रूप है ?
बान्दर
बाँदर
बन्दर
बानर
Note:

32. संस्कृत के ऐसे शब्द जिन्हें हम ज्यों-का-त्यों प्रयोग में लाते हैं, कहलाते हैं?
तद्भव
देशज
तत्सम
विदेशज
Note:

33. फ्रेंच भाषा का शब्द है?
रूबल
पठान
बहादुर
अंग्रेज
Note:

34. 'स्वर्गप्राप्त' कौन-सा तत्पुरुष समास है?
संबंध-तत्पुरुष
संप्रदान-तत्पुरुष
कर्म-तत्पुरुष
करण-तत्पुरुष
Note:

35. 'रसभरा' कौन-सा तत्पुरुष समास है?
संप्रदान-तत्पुरुष
कर्म-तत्पुरुष
करण-तत्पुरुष
इनमें से कोई नहीं
Note:

36. 'तुम अपने काम में सफल रहो' कौन-सा वाक्य है?
सन्देहवाचक वाक्य
विधिवाचक वाक्य
इच्छावाचक वाक्य
आज्ञावाचक वाक्य
Note: जिन वाक्यों में किसी इच्छा, आकांक्षा या आशीर्वाद का बोध होता है, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहते हैं। 'तुम अपने काम में सफल रहो' में सफल होने की इच्छा का बोध होता है।

37. 'यदि तुम चलो तो मैं भी चलूँ' कौन-सा वाक्य है?
संकेतवाचक वाक्य
विस्मयवाचक वाक्य
निषेधवाचक वाक्य
आज्ञावाचक वाक्य
Note:

38. 'ओह! यह पिट ही गया' कौन-सा वाक्य है?
विधिवाचक वाक्य
संकेतवाचक वाक्य
विस्मयवाचक वाक्य
इनमें से कोई नहीं
Note:

39. 'मैं आज नहीं पढूँगा' कौन-सा वाक्य है?
संकेतवाचक वाक्य
विधिवाचक वाक्य
निषेधवाचक वाक्य
आज्ञावाचक वाक्य
Note:

40. दोपहर कौन-सा समास है?
कर्मधारय समास
तत्पुरुष समास
द्विगु समास
बहुव्रीहि समास
Note:

41. पाप-पुण्य कौन-सा समास है?
द्वंद्व
द्विगु
अव्ययीभाव
बहुव्रीहि
Note:

42. नीलकंठ कौन-सा समास है?
अव्ययीभाव
कर्मधारय
तत्पुरुष
बहुव्रीहि
Note:

43. देशभक्ति कौन-सा समास है?
कर्मधारय
द्विगु
द्वंद्व
तत्पुरुष
Note:

44. प्रतिदिन कौन-सा समास है?
बहुव्रीहि
अव्ययीभाव
द्विगु
द्वंद्व
Note:

45. नवयुवक कौन-सा समास है?
बहुव्रीहि
द्विगु
द्वंद्व
कर्मधारय
Note:

46. समास कितने प्रकार के होते हैं?
4
3
8
6
Note:

47. 'नाक' कौन-सा लिंग है?
स्त्रीलिंग और पुलिंग
स्त्रीलिंग
पुलिंग
उभयलिंग
Note: नयन संस्कृत पुल्लिंग शब्द है। पंडित कामताप्रसाद गुरु ने संस्कृत शब्दों को पहचानने के कुछ नियम बताये है। जिसमें ‘नांत’ संज्ञाएँ पुल्लिंग होते है, जैसे- पालन, पोषण, दमन, वचन, नयन, गमन, हरण इत्यादि। इसमें अपवाद- ‘पवन’ उभयलिंग है।

48. 'तुम जा रहे हो' ये कौन-सा काल है?
भूतकाल
भविष्यत्काल
वर्तमानकाल
इनमें से कोई नहीं
Note:

49. 'कोई' विशेषण है?
परिमाणवाचक विशेषण
गुणवाचक विशेषण
सार्वनामिक विशेषण
इनमें से कोई नहीं
Note:

50. 'गोल' विशेषण है?
गुणवाचक विशेषण
परिमाणवाचक विशेषण
सार्वनामिक विशेषण
इनमें से कोई नहीं
Note:

51. तेंदुआ कौन-सा शब्द है?
तत्सम
तद्भव
देशज
विदेशज
Note:

52. खयाल कौन-सा शब्द है?
देशज
तद्भव
विदेशज
इनमें से कोई नहीं
Note:

53. पुष्प कौन-सा शब्द है?
तत्सम
तद्भव
देशज
विदेशज
Note:

54. 'आप' कौन-सा सर्वनाम है?
अनिश्चयवाचक
निश्चयवाचक
निजवाचक
इनमें से कोई नहीं
Note:

55. मैं कौन-सा पुरुष है?
उत्तम पुरुष
मध्यम पुरुष
अन्य पुरुष
इनमें से कोई नहीं
Note:

56. सोना कौन-सी संज्ञा है?
द्रव्यवाचक
भाववाचक
यक्तिवाचक
समूहवाचक
Note:

57. लंबोदर कौन-सा शब्द है?
योगिक
रूढ़
योगरूढ़
ये सभी
Note:

58. ईमानदारी कौन-सी संज्ञा है ?
समूहवाचक
यक्तिवाचक
भाववाचक
जातिवाचक
Note:

59. फूल कौन-सी संज्ञा है ?
जातिवाचक
भाववाचक
व्यक्तिवाचक
समूहवाचक
Note:

60. नाक कौन-सा शब्द है ?
योगिक
रूढ़
योगरूढ़
इनमें से कोई नहीं
Note:


61. टेबुल कौन-सा शब्द है ?
देशज
तद्भव
विदेशज
इनमें से कोई नहीं
Note:

62. पृथ्वी कौन-सा शब्द है ?
विदेशज
देशज
तत्सम
तद्भव
Note:

63. आग कौन-सा शब्द है ?
तत्सम
तद्भव
देशज
विदेशज
Note:

64. पुस्तक कौन-सा शब्द है ?
विदेशज
देशज
तत्सम
तद्भव
Note:

65. क्ष्, त्र और ज्ञ ये तीनों कौन-सा व्यंजन है ?
संयुक्त व्यंजन
तवर्गीय व्यंजन
उष्म व्यंजन
इनमें से कोई नहीं
Note:

66. वर्णों के समूह को क्या कहते हैं ?
संयुक्त शब्द
वर्णमाला
समूह शब्द
इनमें से कोई नहीं
Note:

67. 'च' वर्ग का उच्चारण स्थान है ?
कण्ठ
ओष्ठ
तालु
नाक
Note:

68. पवर्ग का उच्चारण स्थान है ?
मूर्धा
दन्त
ओष्ठ
कण्ठ
Note:

69. तवर्ग का उच्चारण-स्थान है ?
कण्ठ
दन्त
ओष्ठ
मूर्धा
Note:

70. हिंदी में कितने वर्ण होते हैं?
32
40
52
60
Note: वर्णों को व्यवस्थित करने के समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिन्दी में उच्चारण के आधार पर 53 वर्ण होते हैं। इनमें 11 स्वर और 41 व्यंजन होते हैं।

71. दांत का उच्चारण स्थान कौनसा है?
कण्ठ
नाक
ओष्ठ
तालु
Note:

72. हिंदी भाषा किस लिपि में लिखी जाती हैं?
सौराष्ट्री
ब्राह्मी
देवनागरी लिपि
गुरुमुखी
Note: हिंदी भाषा को देवनागरी लिपि में लिखा जाता है । देवनागरी एक भारतीय लिपि है जिसमें अनेक भारतीय भाषाएँ तथा कई विदेशी भाषाएँ लिखी जाती हैं। यह बायें से दायें लिखी जाती है। इसकी पहचान एक क्षैतिज रेखा से है जिसे 'शिरोरेखा' कहते हैं।

73. हिंदी भाषा का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
मध्यप्रदेश
झारखंड
Note:



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