1. राजस्थान के प्रथम एवं एकमात्र राजप्रमुख थे-
उदयपूर महाराणा भूपालसिंह
उदयपूर महाराणा भीमसिंह
जयपुर महाराजा सवाई मानसिंह
महाराजा भवानीसिंह
Note:

2. मेवाड़ से युद्ध तथा चित्तौड़ की संधि किसके शासनकाल की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है?
शाहजहां
औरंगजेब
अकबर
जहांगीर
Note: मेवाड़ से युद्ध तथा चित्तौड़ की संधि जहांगीर के शासनकाल की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। जहांगीर ने सर्वप्रथम मेवाड़ की ओर ध्यान दिया तथा 1605 ई. से लेकर 1613 ई. तक मेवाड़ के लिए कई अभियान महावत खां के नेतृत्व में भेजे गए। इनमें अंतिम अभियान शहजादा खुर्रम के नेतृत्व में भेजा गया था तथा इसके परिणामस्वरूप मेवाड़ के राणा अमर सिंह तथा मुगलों के बीच में संधि हो गई (1615 ई.)।

3. मीराबाई के गुरु कौन थे?
सूरदास
रामानंद
रैदास
दादू
Note: मीराबाई के गुरु रैदास (रविदास) थे। महान संत रविदास का जन्म सन 1398 में काशी (उत्तरप्रदेश) हुआ था। वे बचपन से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के प्रति अग्रसर रहे। रविदास जी की ख्याति से प्रभावित होकर सिकंदर लोदी ने इन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण भेजा था। मध्ययुगीन भक्ति परम्परा में उनका विशिष्ट स्थान है। कबीर की तरह रैदास भी संत कोटि के प्रमुख कवियों में विशिष्ट स्थान रखते हैं। मीराबाई भी रविदास जी की शिष्या थीं। मीराबाई का जन्म सन 1498 ई. में हुआ। ये बचपन से ही कृष्णभक्ति में रुचि लेने लगी थीं। मीरा का विवाह मेवाड़ के सिसोदिया राज परिवार में हुआ। उदयपुर के महाराजा भोजराज इनके पति थे जो मेवाड़ के महाराणा सांगा के पत्र थे। विवाह के कुछ समय बाद ही उनके पति का देहांत हो गया। पति की मृत्यु के बाद वे कृष्ण भक्ति में रम गईं।

4. वीर कल्लाजी चित्तोड़ के कौनसे साके में वीरगति को प्राप्त हुए थे?
पहला साका
दूसरा साका
तीसरा साका
चौथा साका
Note: कल्ला जी राठौड़ (आश्विन शुक्ल 8, 1601 विक्रमी - 1624 विक्रमी) राजस्थान के एक राजपूत योद्धा थे, जिन्हें लोकदेवता माना जाता है। ये मेड़ता के राव जयमल के छोटे भाई आसासिंह के पुत्र थे। इन्होने मेवाड़ के लिये महाराणा प्रताप के साथ अकबर से युद्ध किया था। ये तीसरे साका युद्ध (विक्रम संवत 1624) में चित्तौड़गढ़ में अकबर से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये थे।

5. राजस्थान की किस बावड़ी को बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है?
सीताराम जी की बावड़ी
चाँद बावड़ी
रानी जी की बावड़ी
तापी बावड़ी
Note: बूंदी स्थित रानी जी की बावड़ी को बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है। इसका निर्माण रानी नातावन जी ने 1699 ई. में करवाया था। इस बावड़ी ने मध्यकालीन काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसी कारण इसे महत्वपूर्ण सामाजिक ढ़ांचों के रूप में गिना जाता है। यह सीढ़ीदार कुआँ 165 फीट गहरा है, जो राजपूतों के शासनकाल में एक उल्‍लेखनीय स्‍थापत्‍य शैली को प्रर्दशित करता है। इस कुएं का प्रवेश द्वार काफी संकीर्ण है और इसमें लगे हुए स्‍तंभों पर पत्‍थर के हाथी भी ऊपर बने हुए हैं। सीढ़ी से नीचे जाने पर कुंआ काफी बड़ा और व्‍यापक है। पूरा कुंआ काफी अच्‍छी तरीके से खूबसूरती से की गई खुदाई से एस आकार ब्रेकेट के साथ सजाया गया है।


6. जून, 1947 को कालीबाई अपने अध्यापक को मुक्त कराने के दौरान पुलिस की गोलियों द्वारा भून दी गई। यह वीर बाला किस जिले की थी?
उदयपुर
बांसवाड़ा
डूंगरपुर
जैसलमेर
Note: जिला डूंगरपुर, राजस्थान की पहचान अमर शहीद वीर बाला कालीबाई के नाम से की जाती है। आदिवासी समुदाय भील के सोमा भाई के घर में वीर काली बाई का जन्म जून 1935 में हुआ। मात्र 12 वर्ष की उम्र में इस क्रांतिकारी बाला ने 19 जून 1947 को जागीरदारों व अंग्रेजों के शोषण के विरूद्ध बहादुरी की एक जोरदार मिसाल कायम कर आदिवासी समाज में शिक्षा की अलख जगाई।

[Rajasthan Patwari exam paper 2016]
7. हम्मीर ने सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के किस विद्रोही सेनापति को रणथम्भौर दुर्ग में शरण दी थी?
अमीर खाँ
मीर अलाबन्दे खाँ
मीर जुबेर खाँ
मीर मुहम्मद शाह
Note: हम्मीर ने सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के मीर मुहम्मद शाह विद्रोही सेनापति को रणथम्भौर दुर्ग में शरण दी थी। सुल्तान अलाउद्दीन ने इन विद्रोहियों को सौंप देने की माँग राव हम्मीर से की, हम्मीर ने उसकी यह माँग ठुकरा दी। क्षत्रिय धर्म के सिद्धान्तों का पालन करते हुए राव हम्मीर ने, शरण में आए हुए सैनिकों को नहीं लौटाया। शरण में आए हुए की रक्षा करना अपना कर्त्तव्य समझा। इस बात पर अलाउद्दीन क्रोधित होकर रणथम्भौर पर युद्ध के लिए तैयार हुआ।

[Rajasthan Patwari exam paper 2016]
8. ‘ब्रोचगुर्जर’ नामक एक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका सम्बन्ध कुषाण जाति से किसने जोड़ा है?
कनिंघम
जार्ज थॉमस
डॉ. कानूनगो
डॉ. भण्डारकर
Note: ‘ब्रोचगुर्जर’ नामक एक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका सम्बन्ध कुषाण जाति से कनिंघम ने जोड़ा है।

9. निम्न में से किस क्षेत्र का उल्लेख ऋग्वेद, रामायण, चरक सहिंता, महाभारत, तथा वृहद सहिंता में मिलता है-
जांगल प्रदेश
मतस्य प्रदेश
मरू प्रदेश
शूरसेन
Note: मरू प्रदेश का उल्लेख ऋग्वेद, रामायण, चरक सहिंता, महाभारत, तथा वृहद सहिंता में मिलता है। मरू प्रदेश आर्यो का प्रारंभिक जनतंत्र था। जिसमें वर्तमान के बीकानेर,नागौर,चूरू, गंगानगर,जैसलमेर एवं बाड़मेर की कुछ भाग सम्मिलित थे। कालांतर में इस क्षेत्र में कुछ विस्तार के साथ कुरू, मद्र तथा जांगल नामक जनपदों का निर्माण हुआ।

10. हाड़ी रानी कर्मावती द्वारा जौहर में प्रवेश करते समय दिये गये भूमि अनुदान की जानकारी का स्त्रोत कौन सा है-
रणकपुर प्रशस्ति
पुर के ताम्रपत्र
चौकली के ताम्रपत्र
चीरवे का शिलालेख
Note: पुर के ताम्रपत्र (1535 ई.) से हाडी रानी कर्मावती द्वारा जौहर में प्रवेश करते समय दिये गये भूमि अनुदान की जानकारी मिलती है।


11. राजस्थान के ‘गांधी’ कहलाते हैं?
राव गोपाल सिंह
गोकुल भाई भट्ट
जमना लाल बजाज
प्रताप सिंह बारहठ
Note: हाथल गाँव (सिरोही) में जन्में “राजस्थान के गाँधी” गोकुल भाई भट्ट जी के रचनात्मक कार्यो में प्रमुख सहयोगी रहे। बम्बई में कांग्रेस को संगठित कर विदेशी वस्त्रों की होली जलाई और नमक सत्याग्रह और शराब बंदी सत्याग्रह का सफल सञ्चालन किया। 1939 ईस्वीं में सिरोही प्रजामण्डल की स्थापना कर निरंकुश शासन के विरुद्ध संघर्ष कर उत्तरदायी सरकार और नागरिक अधिकारों की स्थापना करवाई। आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन , जयप्रकाश नारायण की समग्र क्रान्ति में सक्रीय योगदान दिया। दलितोद्धार , शिक्षा , खादी और चरखा संघ का प्रसार , मद्य निषेध के लिए आमरण अनशन किया। आबू का विलय अपने प्रयासों से राजस्थान में करवाया। पद्मभूषण और जमनालाल बजाज पुरस्कारों से सम्मानित गोकुल भाई भट्ट ने निश्चय ही “राजस्थान के गांधी” की उपाधि को सार्थक किया।

12. जयपुर शहर को 1876 में ब्रिटिश साम्राज्य के किस सदस्य के स्वागत में गुलाबी रंग से रंगवाया गया था?
किंग एडवर्ड
प्रिंस अलबर्ट
प्रिंस चार्ल्स
महारानी विक्टोरिया
Note: वर्ष 1876 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस अलबर्ट जयपुर आने वाले थे। गुलाबी रंग मेहमानों के स्वागत को दर्शाता है, इसलिये जयपुर के महाराजा राम सिंह ने मेहमानों का स्वागत करने के लिए पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था।

13. प्राचीन काल में बीकानेर को किस नाम से जाना जाता था?
जांगल प्रदेश
मत्स्य प्रदेश
ढूंढाड
हाडोती
Note: राठौडों के प्रभुत्व में आने से पूर्व बीकानेर का क्षेत्र जांगल प्रदेश के नाम से जाना जाता था, जो मारवड़ के उत्तर में स्थित है। महाभारत काल में यह प्रदेश कुरू प्रदेश के अन्तर्गत आता था।

14. फारसी इतिहासकारों ने ‘हशमत वाला शासक’ किसे कहा था?
महाराणा कुंभा
महाराणा प्रताप
राव चंद्रसेन
राव मालदेव
Note: फारसी इतिहासकारों ने ‘हशमत वाला शासक’ महाराणा प्रताप को कहा था। महाराणा प्रताप उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। इनका नाम इतिहास में वीरता और दृढ प्रण के लिये अमर है। इन्होनें कई वर्षों तक मुग़ल सम्राट अकबर के साथ संघर्ष किया था। महाराणा प्रताप ने मुगलों को कई बार युद्ध में भी हराया था।

15. मुगलों की जीवनपर्यन्त सेवा बीकानेर के किस शासक ने की थी?
महाराजा रायसिंह
महाराणा विनयसिंह
महाराजा अनूपसिंह
राव जैतसी
Note: मुगलों की जीवनपर्यन्त सेवा बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह ने की थी। महाराजा रायसिंह ने सुदृढ़ जूनागढ़ दुर्ग का निर्माण करवाया था। इन्होनें किले के अंदर एक प्रशस्ति लिखवाई जिसे अब रायसिंह प्रशस्ति के नाम से जाना जाता है। महाराजा रायसिह विद्यानुरागी व धार्मिक प्रवृत्ति का था। उसने ‘राय सिंह महोत्सव’ व ‘ज्योतिष रत्नमाला’ जैसे ग्रंथों की रचना की थी। ‘कर्मचन्द वंशौत्कीर्तिम् काव्यम्’ में महाराजा रायसिंह को ‘राजेन्द्र’ कहा गया है। रायसिंह की दानशीलता के कारण मुंशीदेवी प्रसाद ने उसे राजपूतानें के करण की संज्ञा दी थी।


16. किस शासक के शासन काल को चौहान शासनकाल का स्वर्णकाल कहा जाता है?
बीसलदेव चतुर्थ
अजयराज
पृथ्वीराज चौहान तृतीय
अणोंराज
Note: बीसलदेव चतुर्थ के शासन काल को चौहान शासनकाल का स्वर्णकाल कहा जाता है। बीसलदेव चतुर्थ महान कवि एवं लेखक था। उसने ‘हरिकेल’ जैसे नाटकों की रचना की थी। बीसलदेव ने चालुक्य नरेश कुमार पाल को परास्त किया था। इनकी राज्य की सीमा पंजाब, राजपूताना तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैली थी।

[RPSC RAS Pre-2018]
17. राजस्थान के पूर्व मध्यकालीन राज्यों में ‘नैमित्तिक’ पदनाम का प्रयोग किया जाता था?
लोक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख के लिए
राजकीय ज्योतिष के लिए
राजकीय कवि के लिए
मुख्य न्यायिक अधिकारी के लिए
Note:

18. स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह बारहट की जन्मस्थली कहाँ है?
अजमेर
कोटा
जयपुर
भीलवाड़ा
Note: स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह बारहट का जन्म राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा के पास देवपुरा गांव में 24 मई, 1893 में हुआ था। वे क्रान्तिवीर ठा. केसरी सिंह बारहठ के पुत्र थे।

[RSMSSB LDC-2018]
19. किस समाचार-पत्र के माध्यम से विजयसिंह ने बिजौलिया किसान आन्दोलन को भारत में चर्चित बनाया?
केसरी
प्रताप
मराठा
यंग इन्डिया
Note: विजय सिंह पथिक ने कानपुर से प्रकाशित गणेशशंकर विद्यार्थी द्वारा सम्पादित पत्र "प्रताप" के माध्यम से बिजौलिया के किसान आन्दोलन को समूचे देश में चर्चा का विषय बना दिया। 1919 में अमृतसर कांग्रेस में पथिक जी के प्रयत्न से बाल गंगाधर तिलक ने बिजौलिया सम्बन्धी प्रस्ताव रखा।

[RSMSSB LDC-2018]
20. कर्नल जेम्स टॉड ने निम्न में से किस युद्ध को ‘मेवाड़ के इतिहास का मेरेथॉन’ कहा है?
दिवेर का युद्ध
हल्दीघाटी का युद्ध
गोगुन्दा का युद्ध
कुम्भलगढ़ का युद्ध
Note: कर्नल टाॅड ने जहां हल्दीघाटी को 'थर्मोपाली' कहा है वही दिवेर-छापली के युद्ध को 'मेराथन' की संज्ञा दी है। जिस प्रकार एथेन्स जैसी छोटी इकाई ने फारस की बलवती शक्ति को 'मेरॉथन' में पराजित किया था, उसी प्रकार मेवाड़ जैसे छोटे राज्य ने मुगल राज्य के वृहत सैन्यबल को दिवेर-छापली में परास्त किया।

[RSMSSB LDC-2018]
21. अजमेर शहर के संस्थापक कौन थे?
अजयपाल
अजयराज
पृथ्वीराज प्रथम
अर्णोराज
Note: 27 मार्च, 1112 को चौहान वंश के 23वें शासक राजा अजयराज चौहान ने गढ़ अजयमेरू की स्थापना की तथा चौहान साम्राज्य की राजधानी बनाई। उसके बाद इसका नाम अजयमेर और फिर अजमेर हुआ।

22. मीराबाई का जन्म किस वंश में हुआ-
हंस सम्प्रदाय
चैहान
राठौड़
परमार
Note: मीराबाई का जन्म राठौड़ वंश में हुआ था। मीराबाई का जन्म 1498 ई. में पाली के कुड़की गांव में दूदा जी के चौथे पुत्र रतन सिंह के घर हुआ।

23. राजस्थान में नाथ सम्प्रदाय का प्रमुख केन्द्र हैं-
बीकानेर
जोधपुर
जयपुर
उदयपुर
Note: राजस्थान ने नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख केंद्र पुष्कर और जोधपुर में है। नाथ संप्रदाय उत्तर-पश्चिमी भारत का एक धार्मिक पंथ है। इसके आराध्य शिव हैं। यह हठ योग की साधना पद्धती पर आधारित पंथ है। इसके संस्थापक गोरखनाथ माने जाते हैं। गोरखनाथ ने इस सम्प्रदाय के बिखराव और इस सम्प्रदाय की योग विद्याओं का एकत्रीकरण किया।

24. अकबर ने "मिर्जा राजा" की उपाधि किस राजपूत राजा को प्रदान की थी?
टोडरमल
भगवन्तदास
राजा भारमल
राजा मानसिंह
Note: अकबर ने राजा मान सिंह को "मिर्जा राजा" की उपाधि प्रदान की थी। मान सिंह अकबर की सेना के प्रधान सेनापति थे।

25. हल्दीघाटी को "मेवाड का थर्मोपॉली" तथा दिवेर-छापली के युद्ध को "मेवाड का मेराथन" किसने कहा?
जॉर्ज मेथ्यू
ग्रियर्सन
किपलिंग
जेम्स टॉड
Note: कर्नल टाॅड ने जहां हल्दीघाटी को 'थर्मोपाली' कहा है वही दिवेर-छापली के युद्ध को 'मेराथन' की संज्ञा दी है। जिस प्रकार एथेन्स जैसी छोटी इकाई ने फारस की बलवती शक्ति को 'मेरॉथन' में पराजित किया था, उसी प्रकार मेवाड़ जैसे छोटे राज्य ने मुगल राज्य के वृहत सैन्यबल को दिवेर-छापली में परास्त किया।

26. राजस्थानी भाषा का सबसे प्राचीनतम ग्रंथ कौनसा माना जाता है?
हम्मीर महाकाव्य
भरतेश्वर बाहुबली घोर
प्रबन्ध चिन्तामणि
कान्हड़दे प्रबन्ध
Note: "भरतेश्वर बाहुबली घोर" ग्रंथ राजस्थानी भाषा का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, इसके रचयिता ब्रजसेन सूरि है।

27. जमीन का जेवर किस दुर्ग को कहा गया है?
जूनागढ़ दुर्ग
मेहरानगढ़ दुर्ग
तारागढ़
आमेर का किला
Note: बीकानेर के जूनागढ़ दुर्ग को जमीन का जेवर भी कहा जाता है।

[REET-2018]
28. राजस्थान राज्य अपने परिपूर्ण रूप में किस तिथि को सामने आया?
मार्च 25, 1948
मई 15, 1949
नवम्बर 01, 1956
जनवरी 26, 1950
Note: राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में पूरा हुआ। राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च, 1948 से शुरू होकर 1 नवंबर, 1956 को पूरा हुआ, इसमें 8 वर्ष 7 माह 14 दिन लगे। इसलिए राजस्थान का जो वर्तमान स्वरूप है वह 1 नवंबर, 1956 को सामने आया था।

29. प्रजामंडल आंदोलन के दौरान किस रियासत में 'बीरबल दिवस' मनाया गया?
मारवाड़
मेवाड़
जयपुर
बीकानेर
Note: 17 जुलाई, 1946 को बीकानेर प्रजामंडल द्वारा बीरबल दिवस मनाया गया था।

30. 'राजपूताने का कर्ण' किसे कहा गया है?
रायसिंह
महाराणा प्रताप
महाराणा कुम्भा
भोजराज
Note: बीकानेर के शासक कल्याणमल के पुत्र रायसिंह को मुंशी देवी प्रसाद ने 'राजपूताने का कर्ण' कहा था। अकबर ने मेहरानगढ़ दुर्ग रायसिंह को सुपुर्द कर दिया था।


[REET-2016 ]
31. आभानेरी तथा राजौरगढ़ के कलात्मक वैभव किस काल के हैं?
गुहिल-सिसोदिया
चौहान
गुर्जर-प्रतिहार
राठौड
Note: आभानेरी तथा राजौरगढ़ के कलात्मक वैभव गुर्जर-प्रतिहार काल के है। गुर्जर-प्रतिहार राजवंश भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन एवं मध्यकालीन दौर के संक्रमण काल में साम्राज्य स्थापित करने वाला एक राजपूत राजवंश था, जिसके शासकों ने मध्य-उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर मध्य-8वीं से 11वीं सदी के बीच शासन किया।

[REET-2016]
32. कर्नल जेम्स टॉड ने अपना यात्रा वृतान्त "ट्रैवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया" किस समर्पित किया?
विलियम इण्टर ब्लेयर
लॉर्ड विलियम बैंटिक
लॉर्ड मिण्टो
यति ज्ञानचन्द्र
Note: एक जैन साधु यति ज्ञानचन्द्र ने राजस्थान के इतिहास लेखन में कर्नल जेम्स टॉड की बड़ी सहायता की इसलिए कर्नल जेम्स टॉड ने अपना यात्रा वृतान्त "ट्रैवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया" जैन संत यति ज्ञानचंद्र को समर्पित किया।

[REET-2016]
33. किस प्रान्तीय के प्रजामण्डल ने 1936 ई. में 'कृष्णा दिवस' मनाया?
जोधपुर
कौटिल्य
कोटा
करौली
Note: मारवाड़ की कृष्णा कुमारी को न्याय दिलवाने के लिए जोधपुर प्रजामण्डल ने 1936 ई. में 'कृष्णा दिवस' मनाया। वर्ष 1935 में कृष्णा कुमारी नाम की एक युवा महिला का राजघराने से संबंधित किसी उच्च व्यक्ति की मिलीभगत से अपहरण कर लिया गया। जिसके बाद उसे रतलाम नरेश की मां के पास भेज दिया गया। इसकी शिकायत जब मारवाड़ प्रजामंडल के पास आयी, तो प्रजामंडल ने सारे तथ्यों का विवरण देते हुए सरकार से जांच की मांग कर डाली। लेकिन इस मांग पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद प्रजामंडल ने इस घटना को खूब प्रचारित किया और मारवाड़ में विद्यमान कुशासन और अन्याय की ओर पूरे देश का ध्यान आकृष्ट करने के लिए बंबई में और मध्य भार के कई नगरों में, जहां भी मारवाड़ी रहते थे, वर्ष 1936 में 'कृष्णा दिवस' मनाया गया। समाचार पत्रों में कृष्णा अपहरण कांड का खूब प्रचार किया ताकि जनता के बीच जागृति आ सकें। लेकिन मारवाड़ प्रजामंडल को अंतत: इसमें कोई सफलता नहीं मिली।

[RAS/RTS Pre. 2018]
34. किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए हैं?
नगर
रैढ़
वैराट
नगरी
Note: राजस्थान के जयपुर में स्थित वैराट से मिनेण्डर के 16 सिक्के प्राप्त हुए हैं। प्राचीन काल का विराटनगर ही आज वैराट के नाम से जाना जाता है। रैढ़ से मिनेण्डर के काल का एक अभिलेख प्राप्त हुआ हैं इंडो-यूनानी शासकों में मिनेण्डर का नाम सर्वाधिक प्रसिद्ध है।

[RAS/RTS Pre. 1997]
35. 84 खंभों की छतरी कहां पर है?
बूंदी
झालावाड़
जयपुर
कोटा
Note: बूंदी के तारागढ़ किले में 84 खंभों की छतरी, चित्रमहल आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। राजा रामदेव ने बूंदी की स्थापना की थी।

36. प्रसिद्ध चेतक घोड़ा किससे संबंधित है?
शिवाजी
महाराणा प्रताप
लक्ष्मीबाई
अकबर
Note: महाराणा प्रताप के सबसे प्रिय और प्रसिद्ध नीलवर्ण ईरानी मूल के घोड़े का नाम चेतक था। चेतक अश्व गुजरात के काठियावाड़ी व्यापारी ईरानी नस्ल के तीन घोडे चेतक,त्राटक और अटक लेकर मारवाड आया। अटक परीक्षण में काम आ गया। त्राटक महाराणा प्रताप ने उनके छोटे भाई शक्ती सिंह को दे दिया और चेतक को स्वयं रख लिया।

37. किस राजपूत शासक ने 'जिज मुहम्मदशाही' नामक आँकड़ों का समूह(पहाड़ा) बनाया, जिससे लोग खगोल संबंधी अवलोकन कर सके?
अजीत सिंह
भारमल
मान सिंह
सवाई जयसिंह
Note: 1773 में "जिज मुहम्मदशाही" नामक आँकड़ों का समूह(पहाड़ा) जो नक्षत्रो से संबंधित है जयपुर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने लिखा था। जिसका नामकरण उस समय के सम्राट मुहम्मद शाह के नाम पर किया गया। इस ग्रंथ की एक अपूर्ण प्रति जयपुर में है और एक सम्पूर्ण फारसी अनुवाद ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित है।

38. बूंदी दुर्ग में बने महलों के बारे में किसने लिखा है कि 'यह महल भूतों प्रेतों द्वारा निर्मित है'-
अबुल फजल
कर्नल टॉड
किपलिंग
फर्ग्युसन
Note:

39. मेहरानगढ़ दुर्ग में किस की मजार स्थित है?
भूरे खां की
अब्दुल्ला खां की
दीवान शाह की
मीरान खां की
Note: मेहरानगढ़ दुर्ग में भूरे खां की मजार स्थित है। भूरे खां 1808 में मेहरानगढ़ किले की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। उनके मजार पर लोग मन्नत मांगने भी आते हैं। जोधपुर का मेहरानगढ़ किला 120 मीटर ऊंची एक पहाड़ी पर बना हुआ है। इस तरह से यह किला दिल्ली के कुतुब मीनार की ऊंचाई (73 मीटर) से भी ऊंचा है। वही मेहरानगढ़ दुर्ग के अंदर चामुंडा माता मंदिर तथा राठौड़ों की कुलदेवी नागणेची माता का मंदिर भी स्थित है।

40. मेवाड़ की आंख किसे कहा जाता है?
कुम्भलगढ़ दुर्ग
अचलगढ़ दुर्ग
सज्जनगढ़ दुर्ग
चित्तौड़गढ़ दुर्ग
Note: कुम्भलगढ किले को मेवाड की आँख कहते है। यह दुर्ग कई घाटियों व पहाड़ियों को मिला कर बनाया गया है, जिससे यह प्राकृतिक सुरक्षात्मक आधार पाकर अजय रहा। इस दुर्ग में ऊँचे स्थानों पर महल, मंदिर व आवासीय इमारते बनायीं गई और समतल भूमि का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया गया।

41. वह किला जिसमें एक जैसे नौ महल है?
नाहरगढ़ किला
जोधपुर किला
जूनागढ़ किला
आमेर किला
Note:

42. बादल महल किस दुर्ग में स्थित है?
जालौर दुर्ग
कुम्भलगढ़ दुर्ग
चित्तौड़गढ़ दुर्ग
नाहरगढ़ दुर्ग
Note:

43. निम्न में से किस दुर्ग को यूनेस्को ने विरासत दुर्ग घोषित नहीं किया है?
आमेर
गागरोन
जैसलमेर
मांडलगढ़
Note: मांडलगढ़ को यूनेस्को ने विरासत दुर्ग घोषित नहीं किया है। राजस्थान के छह किले आमेर, जैसलमेर, गागरोन, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़ और रणथंभौर विश्व धरोहर में शामिल है।

44. 'गुब्बारा', 'नुसरत', 'नागपली' और 'गजक' नाम है-
मारवाड़ी ठिकानों के वस्त्रों के नाम
मेवाड़ में प्रचलित राजस्व वसूली करो के नाम
मेवाड़ में प्रचलित क्षेत्रीय मिठाइयों के नाम
जोधपुर दुर्ग की तोपो के नाम
Note: मेहरानगढ़ दुर्ग में लंबी दूरी तक मार करने वाली तीन विशालकाय उत्कृष्ट तोपे – किलकिला तोप, शंभू बाण तोप, गजनी खा तोप आदि है। नागपली,नुसरत गजक, गुब्बारा आदि यहां के अन्य प्रसिद्ध तोपे है।

45. 'घुंघट' 'गूगड़ी' 'बांद्रा' और 'इमली' क्या है?
राजस्थानी खानपान विधियों के नाम
मारवाड़ी लोक परंपरा में जातियों के गोत्रों के नाम
मेवाड़ आंचलित में स्त्रियों के पहनावे के नाम
तारागढ़ अजमेर की प्राचीर की विशाल बुर्जो के नाम
Note:

46. वह किला जिसकी आजादी और अस्मिता की रक्षा के लिए वहां के ठाकुरों ने गोला और बारूद खत्म होने पर चांदी के गोले दागे थे-
केसरोली का किला
चूरू का किला
जूनागढ़ का किला
लोहागढ़ का किला
Note: "चूरू का किला" राजस्थान के चूरू जिले में स्थित है। इसका निर्माण वर्ष 1694 में ठाकुर कुशल सिंह ने करवाया था। यह किला दुनिया का एकमात्र ऐसा किला है, जहां युद्ध के समय गोला बारूद खत्म हो जाने पर तोप से दुश्मनों पर चांदी के गोले दागे गए थे। यह युद्ध 1814 में चूरू के राजा शिवजी सिंह और बीकानेर के रियासत के राजा सूरत सिंह के मध्य हुआ था।

47. निम्न में से कौन सा धान्वन दुर्ग है?
गागरोन दुर्ग
जैसलमेर दुर्ग
आमेर दुर्ग
अचलगढ़ दुर्ग
Note: धान्वन दुर्ग : ऐसा दुर्ग जिसके दूर-दूर तक मरु भूमि फैली हो, जैसे - जैसलमेर (स्थल दुर्ग) का किला ।

48. चित्तौड़गढ़ दुर्ग के विजय स्तंभ का वास्तुकार कौन था?
जैता
जीवा
दीपा
मंडन
Note: विजय स्तंभ के वास्तुकार मंडन, जैता व उसके पुत्र नापा, पुंजा थे। यह राजस्थान पुलिस और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का प्रतीक चिह्न है। इसे भारतीय मूर्तिकला का विश्वकोश और हिन्दू देवी देवताओं का अजायबघर कहते हैं।

49. किस पहाड़ी पर जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित है?
गिरी सुमेर
चिड़िया टूंक
बड़ी टेकरी
बिथली टूंक
Note: मंडोर के किले को शत्रुओं से असुरक्षित जानकर राव जोधा ने मण्डोर से 6 मील दूर दक्षिण में चिडि़यानाथ की टूंक नामक पहाड़ी पर 12 मई 1459 से एक नया दुर्ग बनवाना शुरू किया। इसके बाद से 500 वर्ष तक ये किला मारवाड़ की राजनीतिक व सामरिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा।

50. बीकानेर के जूनागढ़ किले का निर्माण किसने करवाया था?
राव बीका
महाराजा रायसिंह
राव कल्याणमल
महाराजा अनूप सिंह
Note: बीकानेर के जूनागढ़ किले का निर्माण बीकानेर के शासक राजा राय सिंह ने प्रधान मंत्री करण चंद की निगरानी में करवाया था, राजा राय सिंह ने 1571 से 1611 AD के बीच बीकानेर पर शासन किया था। किले की दीवारों और खाई का निर्माणकार्य 1589 में शुरू हुआ था और 1594 में पूरा हुआ था। इस किले को जमीन का जेवर भी कहते है।

51. 99 बुर्जो वाला दुर्ग कहाँ स्थित है?
हनुमानगढ़
बाड़मेर
जैसलमेर
चित्तौरगढ़
Note: जैसलमेर का पीले पत्थर से बना ‘स्वर्ण किला’ राजस्थान के उत्तरी पश्चिमी भाग में प्रवेश का प्रमुख द्वार माना जाता रहा है। 75 मीटर ऊंची त्रिकूट पहाड़ी पर 99 बुर्जो वाला यह किला राजस्थान का अत्यंत प्रसिद्ध किला है।

52. महाराणा कुम्भा ने कितने दुर्गों का निर्माण करवाया?
33
31
32
29
Note: महाराणा कुंभा ने मेवाड़ के 84 दुर्गों में से 32 दुर्गों का निर्माण करवाया था।

53. दुर्ग जो महाराणा कुम्भा द्वारा निर्मित नहीं है?
बसंती दुर्ग
भैंसरोड़ गढ़ दुर्ग
भोमट दुर्ग
मचान दुर्ग
Note: भैंसरोडगढ़ दुर्ग के निर्माण का श्रेय सलम्बर के रावत केसरी सिंह के पुत्र रावत लाल सिंह-द्वितीय को जाता है। भैंसरोडगढ़ दुर्ग को “राजस्थान का वेल्लोर” कहते है। यह रावतभाटा के निकट स्थित है।



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